रोहिंग्या मुसलमानों पर सरकार का रुख

Curtesy by lstv

Price: 00 Enquiry Subscribe
रोहिंग्या देश की सुरक्षा के लिए एक खतरा हैं.

भारत सरकार ने रोहिंग्या मसले पर उच्चतम न्यायालय में कहा है कि रोहिंग्या देश की सुरक्षा के लिए एक खतरा हैं.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) भारत में अवैध रूप से रह रहे 40 हजार रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों को वापस म्यांमार भेजने की केंद्र सरकार की योजना का विरोध करेगा। केंद्र सरकार इस मामले में एक हलफनामा दायर करके सुप्रीम कोर्ट को अपने रुख की जानकारी देगी। आयोग अदालत में 'मानवता के आधार' पर रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजने का विरोध करेगा। आयोग यह भी दलील दे सकता है कि अगर इन्हें वापस भेजा गया तो म्यांमार में इनकी जान को खतरा हो सकता है। 

रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने के मामले पर केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय हलफनामा दायर करने ही वाला है। उनकी भारत में मौजूदगी को 'गैरकानूनी, सुरक्षा के लिए खतरा और भारत के संसाधनों पर बोझ' बताया गया है। एनएचआरसी के चेयरपर्सन और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस एचएल दत्तू ने हमारे सहयोगी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया, 'हम मानवीय आधार पर दखल देंगे। हम मानवाधिकार से जुड़े संगठन हैं। अगर इन लोगों (रोहिंग्याओं) को उनके देश वापस भेजा जाता है तो हम इसे मानवाधिकारों के उल्लंघन के तौर पर देखते हैं।'

माना जा रहा है कि आयोग अपने दलील मजबूत करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के कई आदेशों का हवाला भी कोर्ट के सामने देगा। इन आदेशों में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और सुरक्षा का अधिकार सभी को है, भले ही वे भारत नागरिक हों या नहीं। इससे पहले, पिछले महीने गृह मंत्रालय को एक नोटिस जारी करके रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजने के फैसले की आलोचना की थी। आयोग ने कहा था, 'भारत सदियों से शरणार्थियों का घर रहा है। यहां विभिन्न देशों से बड़ी तादाद में शरणार्थी आते रहे हैं।'

दो रोहिंग्या शरणार्थी-मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। दोनों यूएन हाई कमिशन ऑफ रिफ्यूजीज़ (UNHCR) के तहत रजिस्टर्ड हैं। दोनों ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने म्यांमार में अपने समुदाय के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुए जुल्मों और खून-खराबे की वजह से वहां से भागकर भारत में शरण लिया था। दोनों ने याचिका में स्वदेश वापस भेजे जाने का विभिन्न आधार पर विरोध किया है। इन्होंने मानवाधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन की दलील भी दी है। 

Full course video lecture available

Available Packages

  • Yearly Current Affairs Topics Analysis video lectures in Hindi @ 2500/-
  •       
  • Yearly Current Affairs Topics Analysis video lectures in English @ 2500/-
  •    
  • Yearly Current Affairs Topics Analysis, Strategy, with Expected MCQs video lectures in Hindi @ 5,000/-   

For Subscribe online vedios deposited amount in the account given below

Payment Option are: BHIM app BHIM | UPI app BHIM| Net Banking | ATM to ATM Transfer


ICICI BANK
  • ICICI BANK
  • A/C No. : 157105500244 (Current)
  • IFSC : ICIC0001571
  • Branch : Kareli, Allahabad
  • Beneficiary : Dheer Singh Rajput

UBI BANK
  • UBI BANK
  • A/C No. : 1001010097578 (Saving)
  • IFSC : UTBI0ALU539
  • Branch : Allahpur, Allahabad
  • Beneficiary : Dheer Singh Rajput

Bank of Baroda
  • Bank of Baroda
  • A/C No. : 22750100006086 (Saving)
  • IFSC : BARB0INDHAU
  • Branch : Hauzkhas, New Delhi
  • Beneficiary : Dheer Singh Rajput

For more detail contact our course consellor +91 9670825110